यह कहानी 8 साल पुरानी है मेरा नाम राजू और मेरी उम्र 30 साल है। तो बात उन दिनों की है जब मेरे पापा ने मुझे डिग्री मिलते ही उनका कारोबार सँभालने के लिए शहर भेज दिए. मै वहां अकेला रहता था और ४-५ साल से मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी क्यूंकि मै काम के सिलसिले मै व्यस्त रहता था मेरे घर पे एक कामवाली काम करती थी उसका नाम था नीलम। नीलम की शादी २ महीने पहले ही हुई थी। उसकी उम्र थी २६ । वो कामवाली थी पर लगती नहीं थी। बिलकुल सेक्सी थी।
सफ़ेद रंग, फिगर होगा ३२ २३ ३४। उसकी २ बहने थी विद्या और पद्मा. उसकी बहनें उसके साथ ही रहती थी. उनकी हालत बहुत ख़राब थी क्यूंकि घर मै सिर्फ नीलम कमाने वाली थी। उसका पति कुछ काम नहीं करता था और दारू पिके सब उड़ा देता था और नीलम को मारा करता था। कभी कभी वो कई दिनों तक काम पे नहीं आती थी और उसकी जगह उसकी बहनें आती थी पद्मा सिर्फ 18 साल की थी और विद्या १ महीने पहले ही १८ साल की हुई थी। दोनों बहनों का रंग कला था पर फिगर मस्त था।
उस दिन रविवार था और मै सुभे घर पर ही था नीलम और उसकी दोनों बहनों मै से कोई भी काफी दिनों से काम पर नहीं आयी थी तभी सुबह एकदम से दरवाज़ा खोल के विद्या रोती हुई आयी और मेरे पास आकर बोली साहब हमारी मदद कर दो मैंने पुछा क्या हुआ
विद्या – साहब नीलम के पति ने उसे छोड़ दिया है,और हमें मार्के घर से निकल दिए हमारे सारे पैसे और सामन सब उसने छीन लिए हम सड़क पे आ गए साहब”
मैं – मै कुछ नहीं कर सकता यह आपका पर्सनल मामला है आप सम्भालो
विद्या- शाहब अभी मदद कार दो, हम सब काम करके चूका देंगे
मैं-ठीक है यह लो कुछ पैसे और कुछ टाइम के लिए तुम यहाँ रह सकती हो ऊपर वाला कमरा वैसे भी खली है और हैं मै कुछ दिनों के लिए मदद कर सकता हूँ बाद मै मुझे मेरे पैसे भी वापिस चाहिए
विद्या-बहुत बहुत शुक्रिया साहब वो तीनो बहनें ऊपर वाली कमरे मै रहने लगी। २-३ दिन बाद मैंने नीलम से कहा, अब मेरा कमरा खली कर दो इससे जयदा मै कोई मदद नहीं कर सकता बस।
नीलम- साहब हमारे पास पैसे नहीं है ऐसे मत करो
मैं – तो मैं और क्या करू?
नीलम – साहब हम आपका सारे दिन काम कर देंगे फुल टाइम मेड, हमें यहीं रख लो
मैं – पर मेरे पास बाकि काम करने के लिए नौकर है मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं है
नीलम – जो मैं कर सकती हूँ वो बाकि नौकर नहीं कर सकते मै नीलम का इशारा समझ गया और मै करता भी क्या वो थी इतनी सेक्सी प्लस मेरी काफी सैलून से कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं थी मैंने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा चल ठीक है तुम आज से मेरी फुल टाइम सर्वेंट तुम यहीं रह जाओ
और तुम्हारा सारा खर्चा मै उठाऊंगा पर मेरी कुछ शर्तें है पहली यह की जो मै कहूंगा वो तुम करोगी कुछ मन नहीं का सकती और दूसरी की तुम्हारे साथ तुम्हारी बहनो को भी अपनी छूट मेरे हवाले करनी होगी
नीलम – ठीक है आज से आप हमारे राजा और हम आपकी दासियाँ विद्या को मै मन लुंगी पर पद्मा अभी छोटी है
मैं- ठीक है पद्मा की चुदाई नहीं होगी. पर बाकी काम उसे भी करने होंगे
नीलम – ठीक है शुक्रिया साहब
मैं – ठीक है अब अपनी बहनों से बात करो और फिर मेरे कमरे मै लाओ उन्हें।
नीलम कुश हो गयी और वहां से चली गयी पता नहीं नीलम ने कैसे मनाया वो पद्मा और विद्या तो २ मिनट बाद ही मेरे कमरे मै ले आयी
मैंने नीलम को कहा – इन्हे सब समझा दिए
नीलम – हाँ जी
मैं – एक बार तीनो फिर सोचलो कोई ज़बरदस्ती नहीं है अभी भी तुम जा सकती हो अगर मंज़ूर नहीं है तो
विद्या – आप हमारे राजा है साहब अब जो भी आदेश करोगे मंज़ूर है
मैं-ठीक है पद्मा तू साइड मै बैठ जा और चाहे तो बहार जाके काम कर ले। पद्मा जाके वहीँ साइड मै बैठ गयी
मैं -क्या अपनी बहनों की चुदाई देखोगी?
पद्मा शर्मा के बोली सीख लुंगी साहब बाद मै मुझे भी यही करना है
मैं -चल अब नीलम और विद्या दोनों एक दूसरे को किस करो और एक दुसरे को धीरे धीरे नंगा करो
मेरे कहते ही झट से विद्या ने नीलम को पकड़ा और किश करने लगी मेरा ८ इंच का लंड स्टील की तरह तन गया पद्मा साइड मै बैठी पागलों की तरह मेरे लंड को घूर रही थी थोड़े टाइम बाद दोनों ने एक दुसरे के सलवार कमीज उतर दिए अब दोनों सिर्फ पेंटी मै थी मैंने कहा अब दोनों यहाँ बेड पे आ जाओ और 69 पोज़िशन मै आके एक दुसरे की चूत चाटो ”
नीलम बोली – जी साहब ” और दोनों 69 पोजीशन मै आ गयी, बस अब मेरा कंट्रोल ख़तम हो गया और मैंने झट से अपने सरे कपडे उतर दिए और नीलम को विद्या पर से हटाया और अपना लंड उसके मुँह मै दे दिए पद्मा साइड मै बैठे गरम होने लगी उसने अपनी हाथ अपनी सलवार मै दाल लिया और अपनी चूत सहलाने लगी मैंने नीलम को हटाया और विद्या के मुँह मै अपना लंड दाल दिए विद्या क्या गरम थी ऐसे लगा जैसे लंड आग के गोले मै दाल दिए हो मैं अब फुल गरम हो गया था
मैंने झट से नीलम को बीएड पे लेटाया और पूरा ८ इंच का लंड घुसा दिए अंदर और झटके मरने लगा और विद्या के बूब्स चूसने लगा नीलम पागल हुई जा रही थी और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी ऊऊऊ साहब मेरे राजा साहब मैंने विद्या से कहा की इसके मुँह पे अपनी चूत रख दे पडोसी सुन लेंगे विद्या उसके मुँह पे चूत रख दी और मुझे किस करने लगी हम तीनो ने त्रिकोण बना दिए नीलम सीढ़ी लेटी थी नीलम के मुँह पर विद्या, चूत पे मै लगा था और विद्या और मै किस कर रहे थे फिर मैंने उसकी चूत से निकालके उसकी गांड मै लंड दे दिया थोड़े टाइम बाद मै अपना माल छोड़ने वाला था तभी पद्मा आयी और मेरे लंड के पास मुँह खोल के बैठ गयी मैंने सारा माल पद्मा के मुँह मै छोड़ दिए. पद्मा एकदम सारा पी गयी विद्या बोली मेरे लिए तो छोड़ देती साली मैं बोलै- रुक विद्या तुजे मै और देता हूँ नीलम ने इतने मै चाट के पद्मा के मुँह पे रगड़ कर सारा माल साफ़ कर दिए मैंने अब विद्या को लेता लिया और उसकी चूत पे लंड रखके घुसाने की कोशिश की पर उसकी चूत बड़ी टाइट थी नीलम बोली कुंवारी चूत है साहब ज़ोर से झटका मारो मैंने ज़ोर से झटका मारा और लंड आधा अंदर चला गया विद्या की चूत से खून आने लगा नीलम बोली मुबारक हो तेरी चूत का उद्घाटन हो गया विद्या ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी नीलम ने उसे किस करके चुप करवा दिए मैंने जहटके मरने शुरू कर दिए और लंड सारा अंदर कर दिया.
विद्या की चूत नीलम की गांड से भी टाइट थी। मैंने 1 घंटे बाद झड़ने लगा और अपना सारा माल विद्या के बूब्स पे छोड़ दिए नीलम और विद्या ने सारा चाट लिया हम सब अब थक चुके थे और मै विद्या के ऊपर ही लेट गया और नीलम साइड मै और मुझे किस करते करते हम तीनो सो गए पद्मा रात भर अपनी चूत में ऊँगली करती रही सुभे हो गयी और हम अगले दिन दोपहर तक वैसे ही पड़े रहे.
तब से वो तीनो ३ साल बाद आज भी मेरी पत्नी की तरह रहती है मेरे पास ही अब पद्मा भी १८ की हो चुकी है और अब मेरी शादी भी हो चुकी ह।


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