ताईजी के साथ की पहली रात

मेरा नाम सुबोध है. मैं हिमाचल प्रदेश के एक गांव मे रहता हू, मैं 20 साल का हू, हाइट 6 फीट, गोरा रंग ओर तोड़ा पतला हू. बात पिछले साल की है, जब मे ग्रॅजुयेशन 1st एअर मे था और घर से कॉलेज अप डाउन करता था. मेरे ताऊजी – ताईजी शहेर मे रहते हैं, मैं अक्सर उनके घर चले जया करता था. उनके 2 बच्चे थे रिया 19 ओर हर्ष 17 साल का. मैं आपको ताईजी क बारे मे बताता हू वो लगभग 48 साल की है, गोरे रंग के साथ ही शानदार चुचियों ओर भारी चूतड़ की मलिकिन है,

कद मे थोड़ी छ्होटी लगभग 5’1” की है. तो अब असल कहानी पे आते हैं, पहले ताईजी भी हुमारे साथ गांव मे ही रहती थी ओर मैं बचपन से ही उन्हे नंगी देखना चाहता था लेकिन मेरी इच्छा कभी पूरी नही हुई, पिच्छले साल मार्च 4 को मैं कॉलेज गया, ओर वाहा से ताऊजी जी क घर चला गया. मेरे ताऊजी की अपनी दुकान थी ओर वो हर गुरुवार, शहेर, माल लेने जाते थे. आज भी वो माल लेने शहेर गये हुए थे. मेरे ताऊजी और ताईजी बहुत सेक्स करते थे. उनका एक ही रूम था ओर जब भी मैं किसी कम से वाहा रुकता था तो ताऊजी ओर ताईजी नीचे सोते थे ओर रात को चुदाई करते थे.

मैं ताईजी की सिसकारिया सुनता रहता था, जिसससे मेरा भी मन ताईजी को चोदने का होता था. आज जब मैं ताईजी क घर पहुचा तो 2 बाज रहे थे ओर मैने ताईजी को प्रणाम किया. फिर ताईजी ने घर क हलचल पुच्छे, दरअसल मेरी ताईजी तोड़ा चालू किस्म की है इसलिए मुझे वो पसंद नही थी मेरी बस उनके सरीर मे दिलचस्पी थी. तोड़ा इधर उधर की बाते करने क बाद ताईजी काम करने लगी ओर मैं पिच्चे से, उनकी मॅक्सी मे बनी पनटी की छाप को देखने लगा, साथ ही मेरा लन्ड़ भी उत्तेजित होने लगा. लेकिन थोड़ी ही देर मे बच्चे स्कूल से आ गये ओर, बहुत खुश हुए.

उन्होने मुझसे वही रुकने की ज़िद की, तो ताईजी ने ब कहा की आज तुम्हारे ताऊजी भी नही है आज तुम यही रुक जाओ. मैने कहा ठीक है ओर घर पे फ़ोन कर दिया की मैं आज यही रुकुंगा. मैं बच्चो के साथ खेलने लगा, भच्चो ने कहा की भैया आज फिल्म देखेंगे, तो भाई ओर मैं ताईजी से पुचहकर फिल्म लेने चले गये, फिर हुँने 7 बजे ही डिन्नर कर लिया ओर फिर हम फिल्म देखने लगे “3 ईडियट्स”. 9 बजे फिल्म ख़त्म हो गयी. ओर बच्चे सो गये. ताईजी ओर मैं थोड़ी बाते करने लगे. फिर कुच्छ देर बाद ताईजी ने कहा की अब नींद आ र्ही है, तो फिर हम लाइट ऑफ कर क सो गये.

दोनो बच्चे साइड मे थे तो मैं उनके एक ओर सो गया ओर ताईजी मेरे बगल मे सो गयी, अब मेरी कभी कुच्छ करने की हिम्मत नही हुई थी. बल्ब की रोशनी मे ताईजी पेट क बल लेती हुई थी ओर उनके चूतड़ देखने मे मुझे मज़ा आ रहा था. मैने नींद का बहाना करते हुए अपना एक पैर उनके चूतड़ पर रख दिया. वो अचानक से उठी. मेरी ओर देखा लेकिन मैं सोने का नाटक करता रहा, ताईजी ने मेरा पैर चूतड़ पर से हटाया ओर सीधी लेट गयी. मैं दर गया था. फिर मैं सास रोक कर लेता रहा. थोड़ी देर बाद मैने फिर हिम्मत करके अपना एक हाथ ताईजी क पेट पेर रख दिया. कोई हलचल नही हुई.

कुच्छ देर तक हाथ रखने क बाद मैने बढ़ने का सोचा ओर घुटना मोदकर ताईजी की जाँघ पे रख दिया. ओर सोने का नाटक करता रहा. ताईजी का कोई रेस्पॉन्स नही था, मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ गयी, ओर मैने ताईजी की जाँघ को अपने घुटने से रगड़ना सुरू किया. ताईजी सोई हुई थी. कन्फर्म करने क लिए मैने ताईजी की जाँघ दबाई तो ताईजी ने एक गहरी साँस ली. अब मेरी आँखो से नींद गायब हो चुकी थी. मैं बैठ गया. मैने ताईजी की मॅक्सी हल्के से उठाकर जाँघो तक कर दी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन डर से गांड भी फट रही थी.

अब मैने ताईजी क चेहरे की ओर देखा वो सो रही थी, अब मैने अपनी पैंट उतारी ओर फिर धीरे से लेट गया. मेरा 6 इंच का लंड खड़ा हो चक्का था. फिर ताईजी ने करवट ली ओर मेरी ओर चूतड़ कर लिए, मैने मौका पाकर मॅक्सी थोड़ी ओर उपर कर दी. अब मुझे ताईजी की पनटी क दर्शन हुए, मैने लंड ताईजी की गांड क पास ले गया मैं उसे ताईजी के चूतड़ से टच करना चाहता था. लेकिन तभी ताईजी पेट के बाल लेट गयी. मैं डर गया ओर सीधा लेट गया. थोड़ी देर बाद कोई हलचल नही हुई तो मैने देखा अब मेरे पास मॅक्सी उपर करने का अच्छा मौका था.

मैने धीरे से मॅक्सी उपर की, मैं बल्ब की रोशनी मे ताईजी की बड़े बड़े चूतड़ देख क पागल हो रहा था. अब मैने ताईजी की चुतड पे अपनी जीभ लगाई ओर चाटने लगा. मुझे लगा की ताईजी जाग रही है ओर नाटक कर रही है. मैने हल्के से चुतदो पे कटा तो ताईजी की सिसकारी निकल गयी. लेकिन ताईजी सोई रही, मैं बहुत खुस हुआ. अब मैने धीरे से ताईजी की पनटी नीचे कर दी ओर ताईजी ने हल्के से गांड उठाकर मेरा साथ दिया की मुझे पता ना चले. अब मैं जान चुका था की ताईजी नाटक कर रही थी. मैने पूरी पनटी नीचे उतार दी. अब ताईजी सीधी हो गयी.

मैने उनकी मॅक्सी को उठाया ओर उनकी मस्त गोल चुचियों को हाथ मे ले लिया. ओर मसालने लगा, मुझे लग रा था की उन्हे खा जौ, ओर फिर उन्हे मूह मे लेकर चूसने लगा, मैं हैरान भी था की ताईजी सिसकारी ले रही थी लेकिन सोने का नाटक भी कर रही थी. अब बाज़ी मेरे हाथ मे थी. मैं पूरे सरीर को चाटते हुए उनकी चूत तक पहुचा, जहा घनी ओर काली झते थी, मैने जीभ से उनके बीच छुपी चूत को मूह मे ले लिया ओर चाटने लगा, ताईजी मज़े ले रही थी, और मैं तो जन्नत मैं था. ताईजी की चूत लगातार पानी छ्ड़ रही थी.

अब मेरे लिए सब्र करना मुश्किल था. मैने अपना लंड ताईजी की चूत पे रखा ओर रगड़ने लगा. ऐसा लग रहा था जैसे किसी गर्म चूल्‍हे पे रग़द रहा हू. मैने ताईजी की टाँगे फैलाई ओर लन्ड़ को चूत के च्छेद पे रखा, हल्का सा धक्का दिया ओर लंड रास्ता बनता हुआ अंदर जाने लगा, ताईजी ने फिर सिसकारी ली ओर हाथो से चादर टाइट से पकड़ ली, दोस्तो उस पल ऐसा लगा जैसे अपना लंड मैने किसी गर्म रस मे दल दिया है. इतना मज़ा आया की मैं उसकी कल्पना भी नही कर सकता था. मैने एक ओर धक्का लगाया ओर लन्ड़ चूत की दीवारो से रगड़ता हुआ जड़ तक उतार गया, अब मैं ताईजी क उपर झुक गया ताईजी ने अपने चेहरे पे चादर दल ली थी. ओर हल्के हल्के सिसकारी ले रही थी.

मैने बच्चो की ओर देखा दोनो सो रहे थे, अब मैने लन्ड़ को अंदर बाहर करना सुरू किया. ओर मेरा लन्ड़ ताईजी के चूत क रस मे गोते लगाने लगा, मेरी स्पीड बादने लगी, ओर ताईजी की सिसकारियाँ भी, अब मैने ताईजी क टॅंगो को उपर उठाया ओर धक्के लगाने लगा. मेरा घोड़ा ताईजी के चूत के रस मे तेज़ी से दौड़ रहा था. ताईजी क चूतड़ भी मेरे धक्को से ताल मिला रहे थे, लगभग 15 मिनूट तक छोड़ने क बाद ताईजी ने अपने पैरो से मुझे दबा लिया ओर तेज़ी से चूतड़ उच्छलने लगी, मैने भी धक्को की स्पीड बड़ा दी ओर ताईजी क साथ ही च्छुतने लगा, ताईजी ने मुझे कसकर दबा लिया ओर मैने अपना वीर्य ताईजी की चूत मे ही दल दिया, ओर चूत क इरस मे मेरी जंघे तार हो चुकी थी ओर मैं ताईजी क उपर ही लेट गया.

की चुचियाँ उपर नीचे हो रही थी. मैने सोचा की जब तक ताईजी नही हटाएगी मैं ताईजी क उपर से नही हटूँगा. इससे ताईजी को मेरे सामने उतना पड़ता. कुच्छ देर लेते रहने क बाद ताईजी ने बड़ी चालाकी से एक करवट ली ओर मुझे अपने उपर से उतार दिया. मेरा लड पुट्त् की आवाज़ की साथ उनकी चूत से बाहर निकल गया. ओर वो वैसे ही लेट गयी. मैं भी बहुत तक गया था ओर मुझे नींद आ गयी. सुबह जब मेरी नींद खुली तो 9 बाज चुके थे ओर बच्चे स्कूल जेया चुके थे मैं, फ्रेश होकर आया तो देखा की ताईजी नास्टा लगा रही थी मुझे रात की बाते याद आई तो मैं ताईजी से आँखे न्ही मिला पा रहा था. लेकिन ताईजी बिल्कुल नॉर्मल थी. ताईजी बोली की कल रात मुझे ठीक से नींद नही आई ओर कमर मे भी दर्द हो रा है, तुम थोड़ी मालिश कर दो…. मैं समझ गया की अब क्या करना है. ताईजी ने रात वाली मॅक्सी पहनी थी. मैने तेल की शीशी ली और ताईजी के पीछे कहदे हो कर अपने लन्ड़ पे तेल लगाया. फिर मैने ताईजी की मॅक्सी उपर की और उनको आयेज झुका के अपना लन्ड़ घुसेड दिया. ताईजी भी मज़े से करहाने लगी. यूयेसेस दिन बाकछे घर आने तक मैं ताईजी को 4 बार पेल चुका था. हमारा ये सिलसिला अब तक चल रहा है.

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