बस में मिली आंटी

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब? दोस्तों ये मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन किस्सा है. मुझे इस बार ही पता चला की अधेड़ औरते कितनी हॉट होती है. वाकई में ५० साल की उम्र मे भी २० साल वाली गर्मी का एहसास हुआ मुझे. वही एक्सपीरियंस में अब आपके साथ इस कहानी के ज़रिये आपको बताऊंगा.

दोस्तों मै पिछले हफ्ते बैंगलोर गया हुआ था, कंपनी के काम से. वापसी में बस पकड़ने वाला था. ८ बजे मै ऑफिस से निकला. १० बजे बस स्टेशन पंहुचा. फिर वह पर नास्ता करके सांगली के लिए मुझे बस पकड़नी थी. करीब ११ बजे रात को मुझे बस मिली, में बस में चढ़ा और जगह ढूंढने लगा. मेरी नजर आगे की सीट पर पड़ी, बस के बिच में. वहा एक औरत भुरखा पहन कर बैठी थी.

बस में भीड़ थी, मै जल्दी से उसकी सीट पर गया और पूछा के क्या ये सीट खाली है. तो उसने कहा है और में उसके बाजु में बेथ गया. अभी बस निकलने में १५ , २० मिनट बाकि थे. तो में निचे उतरने लगा.. और उस औरत से कहा में आता हु, आप मेरी सीट रोक के रखना.. उसने कहा ठीक है, और कहने लगी मेरे लिए पानी के पाउच लेके आना. मेने कहा ठीक हे, फिर ५ मिनट बाद में बस में वापिस आया और उसको पानी के पाउच दिए. उसने मुझे पैसे देने चाहे पर मेने मन कर दिया.

अब मै आपको उसकी फिगर के बारे में बताता हु. उसकी गांड काफी मोटी थी और मम्मे भी बड़े बड़े थे. बस अब सुरु हो गई अपनी मंजिल की और निकलने के लिए. थोड़ी देर बाद उसने अपना बुरखा निकल दिया, उसने अंदर काले रंग का ड्रेस पहना था जो काफी ट्रंसपेरेंट था. मेने धीरे से उसकी और देखा उसके बड़े मम्मो की और, उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी. उसके बड़े बड़े निप्पल साफ़ दिखाई देते थे, मै तो वही देख के पागल हो रहा था. मेरा लंड धीरे धीरे टाइट हो रहा था. में सोच रहा था कैसे इससे गरम करू? और उसके दूध का नास्ता करू.
मै मन में सोच रहा था की काश ये ड्राइवर बस की लाइट बंद कर दे और मेरी इच्छा थोड़ी देर बाद पूरी हो गई. ड्राइवर ने बस की साडी लाइट बंद कर दी. अब बस में पूरा अँधेरा हो गया था. कोई क्या कर रहा हे किसी को पता नहीं चल सकता था. अब मै धीरे धीरे उसकी और खिसका. उसको थोड़ा चिपक कर बैठा. वो कुछ नहीं बोली, मेरी हिम्मत अब बढ़ गयी. फिर में हाथ मोड़ क बेथ गया ताकि मेरा हाथ उसके हाथ को छू सके, बस में वैसे भी धक्के बहुत लगते है. जैसे ही धक्का लगता में अपना हाथ उसके बगल में घुसा देता ताकि थोड़ा मम्मे को छू सके.

फिर में अपने हाथ को उसकी बाह पर धीरे धीरे फेरने लगा और उसके बाह के बिच से उसके बूब्स को छूने की कोसिस करने लगा. लेकिन वो कुछ रेपोंसे नहीं दे रही थी. फिर मै हार क चुप चाप बेथ गया. थोड़ी देर बाद उसने भी मेरी तरह हाथ मोड़ लिए और उसका एक हाथ मेरे बाह पर टच करने लगा .

उसने अपनी ऊँगली को एक दो बार मेरे हाथ पर रख कर प्रेस किया, बस और मुझे क्या चाहिए? पहले तो मुझे लगा वो नींद में ऐसा कर रही है लेकिन मैंने भी हिम्मत करके फिरसे अपना काम सुरु किया. अब मैंने फिर से उसके मम्मे को छूने की कोसिस की तो इस बार उसने अपने हाथ अपनी बाह को थोड़ा हटा लिया ताकि मेरा हाथ उसके मम्मे को छू सके. अब मेरी ऊँगली उसके मम्मे के ऊपर घूम रही थी, पहले मेने अपनी एक ऊँगली उसके मम्मे पर फेर रहा था, बाप रे उसके मम्मे बहुत बड़े बड़े थे, फिर मेरी ऊँगली उसके निप्पल पर घूम रही थी, क्या मस्त बड़ा निप्पल था उसका.

वो भी गरम हो चुकी थी. उसने भी अपना हाथ धीरे धीरे मेरी झांग पर रख दिया. मेरे लंड के पास, मेरा लंड तो पहलेसे ही टाइट था. फिर मैंने अपना पूरा हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और धीरे धीरे दबाने लगा. उसके मम्मे काफी बड़े थे. मेरे पुरे हाथ में भी नहीं आ रहा था. इतनी उम्र में भी उसके मम्मे काफी मस्त थे और टाइट भी. उसकी निप्पल बहुत टाइट हो चुके थे. अब वो अपने हाथ से मेरे लंड को सहला रही थी. करीब आधे घंटे तक हमने इस तरह से मजे लिए फिर वो उठी और उसकी बैग मेसे एक शाल निकली और मुझसे कहा आधी तुम ओढ़लो और उस तरह से हम दोनोने आधी आधी शाल ओढली. फिर क्या था. अब तो मजे ही मजे. फिर उसने अपनी सलवार को भी ऊपर उठा लिया और मम्मो को नंगा कर दिया अब में उसके नंगे बूब्स को दबा रहा था. और उस दौरान उसने मेरे पेंट की चैन खुद खोल दी और मेरे लंड को बहार निकाल कर अपने हाथो से हिलने लगी. मेरा तो मन कर रहा था की उसके मम्मो को अपने मुँह में डाल कर चुस्त राहु. थोड़ी देर बाद उसने मुझसे कहा की तुम मेरी जगह आ जाओ.

खिड़की के पास मेने वैसा किया. अब उसने मुझसे कहा अब तुम मेरे बूब्स चुसो थोड़ा झुक जाओ. मेने वैसा ही किया और उसके निप्पल चूसने लगा. वह क्या मस्त निप्पल थे, बड़े बड़े. बड़े निप्पल को चूसने में बड़ा मजा आता है. मुझे बहुत मजा आ रहा था. वो बहुत बेचैन हो रही थी, में उसके बूब्स चूस रहा था. और दूसरे हाथ से उसकी छूट में ऊँगली दाल कर आगे पीछे कर रहा था. वो धीरे धीरे सिसकिया ले रही थी.

करीब आधे घंटे तक में ऐसा करता रहा उसकी चुत झाड़ चुकी थी काफी बार.

मेरा हाथ पूरा गिला हो चुक्का था. में भी झाड़ने वाला था. फिर वो निचे झुकी और मेरे लंड को चूसने लगी. मेने कहा कोई देख लेगा उसने कहा कोई बात नहीं ऐसे लंड के लिए तो में कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हु. और वापिस चूसने लगी, करीब १० मिनट तक चुस्ती रही और में फिर उसके मुँह में झाड़ गया. वो मेरा सारा रस चूस गई. फिर थोड़ी देर बाद वो बोली तुम्हारा रस तो बहुत गर्म है . मेरा मुँह जल रहा हे अभी तक. मेरा वीर्य काफी गर्म है, जिस किसी ने पाया वो यही कहता है।

करीब पुरे सफर में तीन बार उसने मेरा वीर्य पिया. आज बरसो के बाद इतना मजा आया, तुम्हारे साथ छुड़वाने को भी बड़ा मजा आएगा मुझे. तुम मुझे मिलना हम कुछ प्लान बनाएंगे.

मेरा स्टॉप आते ही मै बिना कुछ बोले उतर गया, कोण इस ५० साल की मुसीबत को गले में बांधता? सफर में जितना मज़ा aaya, बस हो गया।

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