माइके का दोस्त

Complete Story: मेरा नाम सुमन है. मै राजस्थान की रहने वाली हु. मेरी उम्र २९ है. मैं शादीशुदा हु. मेरे पति की कपड़ो की दूकान है. मेरी शादी को ९ साल हो गए लेकिन अभी तक मुझे बच्चा नहीं हुआ. शादी के १-२ साल में ही हमने डॉक्टर से चेकअप करवाया था और डॉक्टर ने कहा था के मुझमे ही प्रॉब्लम है और कुछ दवाइया चालू करवाई थी. २ साल तक फॉलोअप करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो हमने इलाज बंद करवा के सब भगवन के हात में छोड़ दिया. अब शादी के ९ साल बीत जाने के बाद, न इनमे में पहले जैसा जोश बचा था और न ही मुझे बच्चे की कोई उम्मीद.
मेरे पति काम में खुद को व्यस्त रखते थे और मै भी अपना कुकिंग का YouTube चैनल चलाने में पूरी तरह व्यस्त थी. मैंने B.Com तक पढाई की है. तो मुझे टेक्नोलॉजी हैंडल करने में कोई दिक्कत नहीं है. किचन सेटअप से लेकर वीडियो एडिटिंग तक सब कुछ मै ही करती हु. मेरे चैनल के १ लाख से ज़्यादा फोल्लोवेर्स है और मै हर हफ्ते कम से कम एक वीडियो तो पोस्ट करने का टारगेट रखती हु.
दिन भर के काम के बाद जब पति घर आते तो थके हुए होते है और जल्दी सो जाते है. सेक्स हमारे बीच में ३ महीने में शायद एक बार होता था. मै भी अब अपने मैरिड लाइफ को ले कर अब काफी कासुअल हो गयी थी. सेक्स के बारे में सोचना हम दोनों का जैसे अपने आप ही बंद हो गया हो. शारीरिक सम्बन्ध एक तरफ, मुझे तो लगता है मेरे पति ने अब तक मेरे चैनल को भी सब्सक्राइब नहीं किया है. मै भी रात में अपने बिस्तर पर जाने के बाद, मेरे वीडियोस पे आये हुए कमैंट्स पढ़ती हु.
उस दिन भी मै अपने पति के बगल में लेट कर अपने कमैंट्स पढ़ रही थी. मुझे बोहोत अच्छा लगता था जब मेरे सब्सक्राइबर्स मेरी तारीफ करते थे. ज़िन्दगी में सिर्फ उतनी ही ख़ुशी बची थी. ऐसे ही एक कमेंट में मैंने पढ़ा
“तू कितनी सुन्दर हो गयी है पिंकी”
तो मै थोड़ी सरप्राइज हो गयी. मुझे मेरे मायके में घर पे पिंकी बुलाते थे और कुछ बचप्पन के दोस्त थे जो पिंकी बुलाते थे. मैंने उस कमेंट को like किया. उस id का नाम अंजना आशिक था. मैंने id पे क्लिक कर के जानने की कोशिश भी की लेकिन ज़्यादा कुछ पता नहीं चला. खैर , हमारी ज़िन्दगी इस ही दिनचर्या से चल रही थी के २ दिन बाद एक नए वीडियो पे उसका ही कमेंट आया
“तुम बोहोत सेक्सी दिखने लग गयी हो पिंकी.”
मैंने like किया. अब मै जब भी कोई वीडियो पोस्ट करती थी, मै अंजना आशिक के कमेंट का इंतज़ार करती. उसके भी हर कमेंट में शरारत बढ़ने लगी थी. वह कभी मेरी क्लीवेज पे कमेंट करता, कभी मेरी कमर पे कमेंट करता वह हर कमेंट में मुझे पिंकी कह के बुलाता थ। मुझे भी उसके कमेंट्स से अलग सी एक्ससिटेमेंट होने लगी थी. मैं भी हर कमेंट को like कर देती थी. एक दिन उसने नंबर लिखा था कमेंट में. मैंने वह नंबर true caller पर चेक किया तो नाम आया ‘मुकेश. मैंने whatsapp पर फोटो देखा तो मैंने पैचान लिया ये तो मायके में मेरे पड़ोस के घर का बच्चा था. जब मेरी शादी हुई तब ये १० साल का होगा मै जब मायके जाती तब वह मुझे कही बार दिख जाता था. कभी कभी रुख के मुझसे बाते भी करता था. ये सामने से इतना शरारती नहीं लगता था. १९-२० साल का होगा, मैंने मुकेश को whatsapp पे “Hi,” लिखा। उसका रिप्लाई आया ” उसने शायद DP देख लिया होगा, रिप्लाई आया
“कैसी हो पिंकी दीदी?”
“तुम मुकेश हो न ? ”
“जी दीदी. ”
“मैं सोच रही थी कौन होगा जो मुझे पिंकी बुला रहा है.”
“हाहाहा मै तो ऐसे ही शरारत कर रहा था. फिर सोचा कब तक करूँगा इसलिए आज नंबर दे दिया. आप को बुरा तो नहीं लगा न? ”
“नहीं नहीं बुरा किस बात का?”
“मै आप के पोस्ट पे अंट-शंट कमैंट्स लिख रहा था. 😅”

“अरे नहीं, मुझे तो तेरे कमैंट्स पढ़ने में बोहोत मज़्ज़ा आ रहा था. 😉”
“सच्च दीदी? 😍”
“हा मुकेश. मै तो तेरे कमेंट का इंतज़ार करने लग गयी थी. ☺️”
“अच्छा तो आप को मेरे कमैंट्स पसंद आ रहे है? 😜”
“हा मुकेश तुम वह बाते नोटिस करते हो जो शायद कोई नहीं करता. 😜”
रात के ११:३० बज रहे थे और मै एक २९ की विवाहित महिला, एक १९ साल के नवजवान लड़के को ये बात बता रही थी की वह जब मेरे दूध और कमर पे कमेंट करता है तब मुझे अच्छा लगता है. मुझे पता नहीं क्यों अब मुकेश के साथ बात करने में एक अलग मज़ा आ रहा था और मै उसको और बढ़ावा देने लग गयी थी .

“तुम कॉलेज जाते हो क्या?”
“हा बाल निकेतन कॉलेज में पढता हु.”
बाल निकेतन कॉलेज तो मेरे घर से ५ मिनट की दूरी पर है.
“मै पास में ही रहती हु. आओ कभी घर पे मिलने.”
“कभी आउ दीदी?”
“कभी भी आ जा मुकेश, मै लगभग दिन भर घर पे ही रहती हु. ये सुबह ९ बजे दूकान पे जाते है और रात १० बजे वापस आते है.”
और मैंने अपना एड्रेस और लोकेशन शेयर कर दीये. मै सोच भी नहीं रही थी के जो कुछ मै कर रही हु उसका नतीजा क्या होगा?
“ठीक है दीदी चलो गुड नाईट 🥰🥰🥰”
“गुड नाईट मुकेश 😘😘😘”

सुबह मेरे पति के घर से निकलने के ५ मिनट में ही घर की घंटी बजी. मैंने सोचा भी नहीं था के मुकेश ऐसे अचानक आ जायेगा.
“अरे मुकेश तुम? अचानक? ”
“अचानक कहा दीदी? आप ही ने तो मिलने बुलाया. ”
मैंने एक ओवरकोट वाली नाईटी पेहेन राखी थी जिसमे से मेरे सामने वाला काफी हिस्सा दिख रहा था.
मुकेश मेरे सीने में नज़र गाढ़ के खड़ा था.
“अंदर आएगा या यही खड़े खड़े घूरेगा? ”
मुकेश ने जीन्स और टी’ शर्ट पहनी थी. उसके मजबूत जवान शरीर को देख कर पता चलता था की वह रोज़ जम के कसरत करता होगा.
“बैठ, चाय पीयेगा या सरबत?”
“दूध पीयूंगा.”
मै सकपका गयी. वह मेरे सीने की और देख रहा था. मै भी काफी बोल्ड हु.
“पहले जूस पीयेगा या सीधे दूध ही पीयेगा? ”
मुकेश ने मुझे अपनी बाहो में जकड लिया और मेरे ओपन सीने में अपने होठ चिपका के चूसने और चूमने लग गया. मेरे बदन में करंट दौड़ गया. मैंने उसका सर उठाया और उसके होठो को अपने होठो में ले लिया. हम दोनों हॉल में खड़े खड़े एक दूसरे को पागलो की तरह चूमे जा रहे थे. उसने मेरा ओवर कोट नीचे गिरा दिया. अब मै एक बोहोत पतली बेबीडॉल नाइटी में उसकी बहो में कसमसा रही थी. वह पागलो की तरह मेरे सीने और गर्दन पे किस कर रहा था. उसका एक हाथ मेरे बूब्स मसल रहा था और दूसरा हाथ मेरे चूतड़ बींच रहा था.
उसने मुझे दीवार से चिपका दिया और मेरे दोनों पैर उठा लिए. मैंने भी उसकी कमर को मेरे पैरो से कस लिया और उसको अपने करीब खींचने लग गयी. मैंने न कोई पैंटी पहनी थी और न ही कोई ब्रा. मुझे उसकी खुरदरी जीन्स अपनी चूत पर महसूस हो रही थी. हम दोनों पूरे जोश में एक दूसरे के शरीर के साथ खेल रहे थे और मज़्ज़े ले रहे थे.
“सब कुछ यहाँ करेगा?”
“सब कुछ सब जगह करूँगा दीदी”
कह के उसने दोनों हाथो से मेरे दोनों दूध निचोड़ दिए और मेरे होटो पर जोर से काटा और नीचे से अपनी खुदरी जीन्स पैंट को मेरी चूत पर घिसने लग गया. मुझे हर जगह दर्द हो रहा था पर ये वाला दर्द महसूस करके मुझे एक अरसा बीत गया था. मैंने भी उसको बाहो में ज़ोर से कस लिया और उसके होटो को काटने लग गयी. हम एक दूसरे में मदहोश खो गए. मुकेश ने मुझे नीचे उतरा और साइड पे सोफे के ऊपर धक्का मार कर लेटा दिया.
वह मेरे दोनों पैरो के बीच में बैठ गया और मेरा एक पैर हाथ में उठा के चूमने लग गया. धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ते हुए वह मेरी जांघ तक पोहोच गया. उसने एक ऊँगली मेरी चूत में लगा कर ऊपर नीचे करना चालू किया और दूसरी तरफ मेरी जांघ चाट और चूम रहा था. मुझे जो एहसास हो रहा था वह मै लफ्जों में बयान नहीं कर सकती. मैंने कभी सोचा नहीं था की मुझे इस प्रकार के शारीरिक सुख की प्राप्ति होगी. वह भी ऐसे जोशीले नौजवान से, ये तो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था. मुकेश मेरी दोनों जांघो को बारी बारी चाट रहा था और उसने अपनी उंगली मेरे अंदर दाल दी. मै पूरी तरह से गीली हो चुकी थी. उसकी ऊँगली मेरे अंदर जादू करने लग गयी. मेरा शरीर सुख से काँप रहा था. वह ऊपर आया और मेरे होतो को चूमने लग गया. नीचे उसका लंद मेरी चुत का दरवाज़े पे दस्तक दे रहा था. उसने कब उसकी पैंट निकाली मुझे पता ही नहीं चला. मैंने अपने दोनों पैर ऊपर कर के उसके लिए जगह बनायीं. वह मेरी गर्दन पर चुम रहा था और एक ही धक्के में उसने अपना पूरा लंद मेरे अंदर डाल दिया. औज़ार इतना सख्त और मजबूत भी होता है ये बात तो मैं जैसे भूल ही गयी थी. मुझे एक नारी होने का एहसास शादी के शुरुवाती समय में होता था, आज कई सालो बाद फिर से वैसा ही महसूस हो रहा था.

“मुकेश.. मेरा जानू.. तू बोहोत मस्त है. वाओ. इतना मस्त है तेरा हथ्यार. बोहोत अच्छा लग रहा है. ”

वह मेरी गर्दन को चुम रहा था और काट रहा था और धीरे धीरे अपनी कमर हिला रहा था. मुझे मेरी गहराइयो में वह मजबूती से छू रहा था. हर बार जब वह मुझसे टकराता, मै भी नीचे से कमर उठाकर ऊपर करके उसको और अंदर लेने की कोशिश करती. मेरे शरीर में अकड़न होने लग गयी थी.
“मुकेश ज़ोर से कर.”
उसने भी अपना स्पीड बढ़ाया और ज़ोर ज़ोर से मुझे कूटने और काटने लग गया.

“रुकना नहीं मेरी जान. करते रह. प्लीज रखना नहीं. मेरा बस होने ही वाला है. तेज़ कर. ओह ओह ओह ओह ओह ओह यस यस एस एस एस मुकेश मेरी जान.. आज तूने मेरी जान निकाल दी.. ”

मेरा शरीर रस छोड़ चूका था.. मैंने मुकेश को जकड रखा था और चरम सुख का आनंद ले रही थी, तब मुकेश फिर से हिलने लग गया. वह दोनों हाथो में मेरे दूध पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से कमर हिलने लग गया. ५ मिनट कर मुझे जानवर के जैसा चोदता रहा. मेरी अंदर भी फिर से गर्मी बढ़ने लग थी.

“अह मुकेश. आराम से ना.. मै यही हु.”

“अगली बार आराम से करूँगा दीदी. आप को चोदने का मेरा बचपन का सपना आज पूरा हो रहा है.. आज मुझे मन मानी करने दो..”
ऐसा कह के उसने ज़ोर से अपने शरीर को मेरे शरीर पर दबा दिया और अपना पूरा पानी मेरे अंदर छोड़ दिया और मेरे शरीर के ऊपर पस्त हो कर सो गया. मै संतुष्ट थी के मेरा पानी निकल गया है लेकिन इस वक़्त मै फिर से झड़ने को तैयार हो गयी थी. मैंने मुकेश को उठाया और उसका सर पकड़ के मेरी चूत के पास ले गयी. उसने मेरी तरफ देखा और अपनी एक ऊँगली मेरे अंदर घुसा दी. वह अंगूठे से मेरे दाने को छेड़ रहा था और ऊँगली अंदर बहार कर रहा था. हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे. मुकेश ने अंगूठा हटा के मेरे दाने को अपनी जुबान से चाटने लग गया. मै ये देखते ही अपना आपा खो बैठी और मेरे पूरे शरीर में अकड़न हो गयी और मेरा पानी फिर से निकल गया.
जब २ मिनट बाद मै होश में आयी तो मुकेश मेरे सामने नंगा खड़ा था और मेरी ओर देख कर मुस्कुरा रहा था.

“बाथरूम ?”
“वहा.. ”
वह बाथरूम में गया और मैंने नाइटी पेहेन ली और मुकेश के लिए ऑरेंज जूस बनाया .

“इसकी कोई ज़रुरत नहीं है दीदी. आप ने जो दिया है वह मेरे लिए बोहोत है. क्या मै कल सुबह फिर से आ सकता हु? ”
“क्या तुम अभी रुकोगे नहीं? ”
“आज मेरी एग्जाम है दीदी. आधे घंटे में शुरू हो जाएगी.”
“तो फिर पेपर ख़तम कर के आ जाना.”
मैंने एक स्माइल के साथ आँख मारी.
वह मेरी तरफ आया और मुझसे चिपक कर अपना शरीर मेरे शरीर से घिसने लग गया और ज़ोर से मेरे दूध और चूतड़ बींचने लग गया. ५ मिनट में झूते पेहेन कर चला गया.
मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था के अभी अभी जो हुआ वह सच में हुआ या मेरी कल्पना थी. तभी मेरे फोन में मसाज आया.
“तुम बोहोत प्यारी हो पिंकी दीदी. I love you a lot. Thank you for everything ❤️.”

feedback:mastranjan@protonmail.com

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