पड़ोसन की तकलीफ दूर की

हेलो फ्रेंड्स my name is Yash from Mumbai maharashtra for job purpose m stay in Mumbai. मेरी बॉडी इतनी अच्छी नहीं है लेकिन सेक्स के लिए काम नहीं है.

तो दोस्तों ये स्टोरी कुछ महीने पहले की है मैंने एक रूम लिया था रहने के लिए और मई वह रहता हमारा रूम लास्ट फ्लोर पे था. हमारे रूम के दरवाजे के पास ही और एक 1bhk flat था जहा पर दूसरे किरायेदार रहते थे. वह पे एक फॅमिली रहती थी और अगर हम दरवाजा खोल दे तो सारा व्यू उन्हें नजर आ जाता और अगर वो खोले तो हमे उनका इतना पास रूम था और आवाज भी साफ सुनाई देती दूसरे के रूम में.

तो उस फॅमिली में चार लोग थे पति-पत्नी और एक छोटी बेटी 3rd std और दूसरी 1st. तो हुवा यु की मई वह रहने गए तो कुछ दिन ऐसे ही बिट गए लेकिन बाद में मुझे रत को चिल्लाने की झगड़े की आवाजे आने लगी उस फॅमिली में पति-पत्नी का झगड़ा चलता और ये उनका डेली रूटीन हो गया तो हम डिस्टर्ब हो जाते.

मुझे लगा की ओनर को बता दे पर जब ह्यूमेन उस आंटी को देखा तो साला सब भूल गया आंटी का फिगर 34-30-30 होगा हम अब हर रोज दरवाजा खुला रखते और हर रोज उसको देखते, माल थी लेकिन सिर्फ देखने के लिए बाकी मेरे मन मई वैसे कुछ नहीं था .

एक दिन मई छत पर कपडे सूखने गया तो वह पर वो आंटी आ गई तो मई उन्हें हेलो कह दिए तो उन्होंने भी मुझे हलचल पूछा. वैसे छत पर कोई नहीं अत था और उनके पति तो सुबह 10 बजे जाते और रात को 11 बजे आते और दोपहर को खाना खाना भी खाने आते थे. तो उस दिन हमने थोड़ी बात चित की फिर मई भी थोड़ा फ्रैंक हो गया और फिर मैंने पूछा आपके पति क्या करते है और बाकि सब हलचल पूछा.

फिर मैंने उन्हें पूछा की आप लड़ाई क्यों करते है रात को हम डिसट्रब होते है तो वो बोली की उनके पति पीकर आते है और फिर झगड़ा चालू,तो मई बोलै कुछ और तो वो बोली वो मुझे टाइम नहीं देते सुबह जाते है और खाना खाने आते है फिर जाते है और रात में आते है तो मैंने कहा तो आप अपने फ्रेंड्स के यहाँ जाया करो या कही घूम कर आया करो तो वो बोली में यहाँ पर नई हूँ और मेरे कोई फ्रेंड्स नहीं है यहाँ पर तो मैंने कह दिए तो क्या हम फ्रेंड बन सकते है?

तो वो बोली ठीक है तो इस तरह हमारी दोस्ती हुई और हम कुछ दिनों मई काफी घुल-मिल गए पहले तो मेरी नियत साफ थी क्योकि मई सिर्फ उन्ह ीक अच्छी फ्रेंड मनाता था पर कुछ दिनों बाद उन्होंने अपने रंग दिखने चालू कर दिए हमारे फ्लोर पर सिर्फ वो और हम रहते थे तो nighty में बहार आना और मुझे बुलाना कुछ काम के सिलसिले में कभी कभी घर में से ही आवाज लगाना और बुलाना मई गया तो बाथरूम से गाउन ऊपर करके आना इससे मई बहोत डिस्टर्ब होता और मुठ मार लेता.

लेकि ये सिलसिला चलता ही रहा और कुछ दिनों बाद मेरी भी उनके तरफ देखने की नज़र बदल गई मेरे भी मन में ख्याल आने लगे के अभी तक कुछ किआ नहीं किसीको और वैसे आगे 25 हो गई है कुछ दिनों मई शादी हो जाएगी फिर क्या एक ही सब्जी खाने पड़ेगी क्यों न इस सब्जी को चखा जाये, और वैसे भी आंटी की उम्र ज्यादा नहीं थी २८ की थी और दिखने मई भी मस्त थी मतलब एक नार्मल हाउस वाइफ की तरह.

और आखिर कर वो दिन आ ही गया बारिश का मौसम था मई अपने रूम में पढाई कर रहा था दोपहर के 3-3.30 बजे होंगे फिर आंटी ने मुझे आवाज लगाई मई चला गया वो बोली कुछ लोगो चाय कॉफ़ी दूध. तो मई बोलै कुछ भी देदो तो वो बोली दूध देदू तो मई बोलै ठीक है
फिर उन्होंने कहा किसका पिओगे
मैंने कहा मतलब ??

आंटी: अरे भैस का या गाय का?

मई: कोई भी चलेगा

आंटी : कोई भी चलेगा ?

मई: हां

आंटी : मेरा चलेगा ?

मई एकदम हक्का भक्का रहा गया. फिर वो मेरे पास आकर बोली यश मई तुम्हे पसंद करने लगी हूँ और मुझे अभ तुम्हरी जरुरत है मेरे पति मेरे तरफ ध्यान नहीं देते सो प्लीज मेरी तकलीफ दूर करो फिर क्या मई भी यही चाहता था. पर मैंने कुछ नहीं कहा मई वह से उठ कर बहार आने लगा फिर वो बोली की प्लीज यश सिर्फ एक बार फिर कभी नहीं बोलूंगी और वो दरवाजे पे जाके रुक गई और लॉक लगवा दिए फिर मैंने कहा की अगर कुछ हुवा तो और किसीको पता चल गया तोह?

फिर वो बोली कुछ नहीं होगा अभी कोण आएगा यहाँ पर और कुछ भी होगा तो उसकी जिम्मेदारी वो ले लेंगी फिर क्या मैंने उनके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और फिर 5 मिनट तक किसिंग किआ वो भी फुल फाॅर्स मई मेरा साथ दे रही थी फिर मैंने उन्हें बेड पर जाने के लिए बोलै और मई अत हूँ बोल दिए फिर मई अपने रूम में गया और कंडोम लेकर आ गया जो की मई पहले ही खरीद लिया था कभी काम आ जाये इसलिए फिर मई उनके बैडरूम में गया लॉक लगवा दिए और फिर उनका गाउन ुअत्तर दिए उन्होंने अनादर कुछ पहना ही नहीं था क्या कमल की जग रही थी वो उनके बूब ! वाओ ब्लैकीश एंड राउंडेड मस्त दिख रहे थे मई उनको मसलना चालू किआ और उसमे से बहोत दूध निकला और फिर मुँह से चूसने लगा. वो भी मेरे कपडे उतारने की कोशिश कर रही थी फिर मई ने भी अपने सारे कपडे उतर दिए मेरा लंड 6”-8” का है तो वो बोली फिजिकली नहीं हो पर गन बड़ी है तुम्हारी तो मई बोलै हां गन बड़ी रखनी पड़ती है तो

फिर वो अपने हाथ से मेरा लंड मसलने लगी और मई उनके बुक चूस रहा था फिर हम 69 पोजीशन में लेट गए और उन्होंने मेरा लंड मुँह में ले लिया मैंने उनके तवे पे हाट फिरने स्टार्ट किया वो काफी गरम हो गई थी फिर मैंने अपना एक उंगली उनके पुसी मई दाल दिए मैंने कही पढ़ा था अगर अच्छा सेक्स करना हो तो पहले तो पार्टनर को बेकाबू करो इतना की वो पागल हो जाये अंदर लेने के लिए फिर मैंने फिंगरिंग स्टार्ट की पहले 1 उंगली फिर दूसरी फिर तीसरी और फिर स्पीड बढ़ा दी वो भी मेरा चूसते जा रही थी मई तुरंत चढ़ गया मेरा सारा माल उनके मुँह पर गिर गया तो मैंने वो लेकर उनकी बूब्स की मसाज की और फिर फिंगरिंग करने लगा मेरा फिरसे खड़ा हुवा

फिर वो भी चढ़ गई और कहने लगी प्लीज अंदर दाल दो अब सहा नहीं जा रहा लेकिन मई कहा सुनाने वाला था मैंने फिंगरिंग चालू राखी और वो बहोत गरम हुवी उनके आंख में आंसू आने रह गए थे की वो अंदर डालने के लिए बोल रही थी फिर मैंने कंडोम अपने पार्ट पर लगा दिए और फिर दाल दिए पुरे जोश के साथ मैंने भी दमदार चुदाई की वो तीसरी बार झड़ गयी

फिर 10-15 मिनट बाद मई भी झड़ गया और हम वैसे ही पड़े रह एक दूसरे के ऊपर फिर मैंने पूछा मजा आया तो वो बोली तुम्हारा फैसिक भी इतना अच्छा नहीं है और लंड भी ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन मजा खूब दिए आज मई बहोत खुश हूँ और फिर मुझे किश करने लगी मुझे भी उनका साथ दिए और कहा अब बस क्योकि उनके बच्चो के स्कूल से आने का time हो गया था फिर उन्होंने कहा अगर हर कोई ऐसे सेक्स करे तो कोई भी प्यासा नहीं रहेग और वह बोली तुम्हारी बीबी बहोत मजे में रहने वाली अगर इस तरह से परफॉरमेंस रहे तो मैंने कहा आंटी हर चीज़ करने का कुछ तरीका होता है और मई फ्रेश होक वह से निकल गया.

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