गुड लक से मिली आंटी

एक दिन मैं सड़क पर टहल रहा था की अचानक कोई मुझसे टकराया मैने नज़र उठा कर देखा तो करीब 45 – 46 साल की लेडी रही होंगी मे उस वक़्त ख्याली दुनिया मे था और वो पता नही मुझसे कैसे टकरा गयी. मुझे अचानक होश आया ओर फिर मैं हड़बड़ा कर उनसे सॉरी बोला उनके पॉली बैग से कुछ समान गिर गया था और वो बैठ कर उठा रही थी उनका ब्लाउस काफ़ी टाइट था जिसके अंदर उनकी बड़ी, बड़ी चूचियाँ बार बार हिल रही थी,

उन्होने आसमानी रंग की पतीली सी साडी पहनी थी जिससे सब साफ़ नज़र आ रहा था. मैं खड़े खड़े उनके बूब्स का नज़ारा देख रहा था तब ही जैसे मैं नींद से जागा और मैं भी उनका समान उठाने मे मदद करने लगा तभी मैने कहा सॉरी आंटी मेरी वजह से आपका समान बिखर गया वो बोली कोई बात नही बेटा इट्स ओक और सारा समान रखने के बाद वो मुझसे बोली बेटा तुम नए बच्चो की यही एक प्राब्लम है क हर कोई कहीं ना कहीं खोया रहता है.

मै शर्मिंदा होते हुए बोला नही आंटी ऐसे बात नही है आप ग़लत सोच रही है. फिर उन्होने मुझसे पूछा की बेटा क्या तुम कॉफी पीना पसंद करोगे? मैने तुरंत ही हा मे जवाब दिया और फिर हम लोग वहीं पास के कॉफी शॉप पर बैठ गये वहाँ ज़्यादा तर स्कूल के लड़के और लड़कियाँ ही थे वो उन सबको देख रही थी फिर अचानक मेरी तरफ देख कर पूछा बेटा आप क्या करते हो? मैने कहा आंटी मैं छात्र हूँ वो बोली बहुत खूब मगर तुम्हारा ध्यान किधर था? क्या तुम भी इन सब छात्रों की तराह नयी तितलियों को ताक रहे थे?

उन्होने जिस अंदाज़ मे ये बात कही मुझे अज़ीब सा लगा मैने हड़बड़ाते हुए कहा नही आंटी ऐसे कोई बात नही है खैर आप बताय आप कहाँ से आ रही थी तब वो हड़बड़ाते हुए बोली क क्या बेवकूफी भरा सवाल करा? अर्रे भाई शॉपिंग कर के आ रही थी की तुमने धक्का मार दिया अच्छा बेटा ये बताओ आपके घर मे और कौन कौन है? मैने कहा मेरी जॉइंट फॅमिली है आपके, ओर अपपके घर मे? मैं और मेरी बेटी उनका छोटा सा जवाब मिला मैने पूछा और अंकल? वो बोली बेटा वो फॉरेन मे है और मेरा बेटा भी वहीं ट्रंनिंग कर रहा है बहुत उदासी भारी थी उनकी बातों मे तब ही अचानक मौसम खराब हो गया और बारिस होने लगी हम लोग बहुत देर तक इधर उधर की बाते करते रहे करीब 2 घंटे बाद भी पानी नही रुका तो आंटी कुछ परेसां हो गयी मैने पूछा क्या बात है आंटी आप कुछ परेसां सी है तब उन्होने घड़ी देखते हुए कहा बेटा 9 बाज रहे है और पानी रुकने का नाम ही नही ले रहा और कोई ऑटो भी नही मिलेगी अब तो. तब मैने कहा आंटी मेरा घर करीब मे ही है आप चाहे तो चल सकती है तब वो बोली बेटा असल मे घर पर नेहा अकेली होगी और आजकल का माहौल तो तुम जानते ही हो जवान लड़की को अकेला नही छोड़ना काहिए.

तब मैने कहा आंटी आप यही रुके मैं अभी कार ले क आता हूँ तब वो बोली की बेटा तुम भीग जाओगे तब मैने कहा आंटी जवान लोगों पर बारिश का असर नही होता और मैं भाग कर घर गया और कार लेकर कॉफी शॉप पहुच गया पानी अभी भी बहुत तेज़ था, वो जैसे ही शॉप से बाहर मेरी गाड़ी तक आई काफ़ी हद तक भीग चुकी थी और मैं तो पहले से भीग चुका था क्यूँ की घर तक जाने मे कुछ टाइम तो लगा हे खैर थोड़ी ही देर बाद मैं एक बड़ी सी अपार्टमेंट के सामने रुका अपार्टमेंट देख कर मैं हैरान रह गया

वो कार से उतरते हुए बोली बेटा कार पार्किंग मे पार्क करके फ्लॅट मे चले आओ बहुत भीगे हो चेंज कर लो नही तो सर्दी लग जाएगी मैने कहा नही आंटी ऐसे कोई बात नही आपको घर तक छोड़ दिया अब मेरा काम ख़तम मैं चलता हूँ इजाज़त दीजिए तब आंटी ने तोड़ा डाट कर कहा जितना कह रही हूँ उतना करो आख़िर मैं तुम्हारी मा की तराह हो जाओ गाड़ी पार्क करके आओ इतनी देर की बहस मे आंटी बिल्कुल भीग चुकी थी मैं गाड़ी पार्क करने के बाद जब आया तो आंटी वहीं खड़ी थी उनकी साडी बिल्कुल भीग कर उनके बदन से चिपक चुकी थी साडी के नीचे उनकी ब्लॅक डिज़ाइनर ब्रा सॉफ नज़र आ रही थी

हलकी मेरे मन मे अभी तक उनके लिए कोई ग़लत विचार नही थे मगर आख़िर कब तक अंदर का शैतान सोया रहता. उनको इस पोज़ मे देख कर मेरा औज़ार अंदर पैंट मे हिल्लने लगा. मैं कुछ देर तक उनको निहारता रहा तब ही वो मेरी आँखों के आगे चुटकी बजाते हुए बोली कहाँ खो गये बेटे? फिर वो मेरा हाथ पकड़ कर अंदर जाने लगी अंदर दाखिल होते ही मुझे एक बहुत ही खूबसूरत लड़की नज़र आई जिसकी उम्र करीब 18, 19 साल की रही होगी वो मिडी पहने हुए थी और सूरत से बहुत परेशान नज़र आ रही थी आंटी को देखते ही उनसे लिपट गयी मम्मी कहाँ चली गयी थी आप मैं घबरा रही थी.

आंटी ने उसको अलग करते हुए कहा मेरी रानी बेटी बाहर पानी बरसने लगा था इस लिए देर हो गयी और मैं फोन लगा रही थी तो एंगेज जा रहा था खैर कोई बात नही अब तो मैं आ गयी हूँ मेरी बहादुर बच्ची तुमने खाना खाया? उसने कहा जी मम्मी अभी थोड़ी ही देर पहले काका खाना दे कर अपने घर चले गये है. अब मुझे भी बहुत नींद आ रही है मैं भी सोने जा रही हूँ अचानक मुझे देख कर वो तोड़ा संभालते हुए बोली मम्मी ये साहब कौन है? मम्मी ने कहा बेटा आज मैं कार नही ले गयी थी और आज ही पानी को बरसना था तो इसने ही मुझे लिफ्ट दी है इनका नाम श्रीधर है और तब वो मुझे नमस्ते कर के अपने रूम मे सोने चली गयी और अब रूम मे मैं और आंटी ही रह गये थे तब ही आंटी ने मुझे एक बर्म्यूडा देते हुए कहा लो ये पहन लो मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए और बर्म्यूडा पहेनली. मैने गूँजी और जोक्की नही उतारी थी तब आंटी बोली बेटा सारे कपड़े उतार दो अभी थोड़ी ही देर मे सूख जाएँगे तब पहन लेना और बनियान भी उतार कर निचोड़ लो बहुत भीगी है तब मैने झिझकते हुए

बनियान उतार कर निचोड़ कर अलगनी पर टाँग दी और वहीं वॉशरूम मे जाकर अपनी जोक्की भी उतार कर सूकने को डाल दी अब मैं सिर्फ़ लूँगी मे था और अभी तक आंटी ने अपनी सॅडी नही उतारी थी जब मैं रूम मे आया तब देखा की वो अपना सॅडी का पल्लू निचोड़ रही थी और आँचल हटा होने की वजा से पिंक ब्लाउस के अंदर उनके बड़े बारे दूध सॉफ नज़र आ रही थी जिसे मैं घूर रहा था मुझे अचानक इस तराह देखते हुए आंटी ने कहा क्या देख रहे हो बेटे तुमने अपने तो कपड़े उतार लिए अब मैं भी चेंज कर लून मेरा मान अब तक आंटी को छेड़ने के बारे मे सोचने लगा था पर हिम्मत नही हो पा रहा था, तब ही थोड़ी देर बाद आंटी एक बहुत ही पतली सी नाइटी पहन कर आई ओर देखने से साफ पता चल रहा था क उन्हो ने अंदर ना ही ब्रा पहना है ओर ना ही पेंटी. ओर इसी वजा से उनकी दूध पेंडुलम क तरह इधर उधर हिल रहे थे. नाइटी के उपर से ही उनका निपल दिख रहा था. फिर आंटी आयी ओर वहीं सोफे पर बैठ गयी और कॉफी बनाने लगी.

वो कॉफी बना रही थी और मैं ललचाई नज़रों से उनकी उभरी हुई चूची देख रहा था और दिल ही दिल मे सोच रहा था की काश ये आंटी मुझसे चुदवा ले तो कितना मज़ा आएगा यही सब सोच सोच कर मेरा लंड अपनी औकात मे आ चुका था और मुझे इस बात का एहसास ही नही हुआ की कब वो मेरी हाफ पेंट पे तंन चुकी थी और आंटी चोर नज़रों से उधर ही देख रही थी. मेरा पूरा ध्यान आंटी की चूची की तरफ था और आंटी का ध्यान मेरे औज़ार की तरफ तब ही मैने आंटी की नज़रों की तरफ देखा तो उनकी नज़रे मेरे लोडे पर टिकी देख कर अंदर ही अंदर खुस हो गया और धीरे से अपनी चड्डी हिला दी ताकि आंटी और अच्छी तराह से लोडे का माजा ले सके. फिर उसके बाद हम दोनो ने कॉफी पे और उसके बाद मैं अपने कपड़े पहनने लगा और दिल ही दिल मे सोच रहा था की साली अगर आज रोक कर चुदवा ले तो क्या हो जाएगा तड़प तो इसकी भी छूट रही है पर हाय रे इंडियन नारी लाज़ की मारी l लंड खाएगी गज़ भर के मगर चुदवाने से पहले शरमाएगी इतना की पूछो ही मत और जब मुझे कपड़े पहनते हुए आंटी ने देखा तब वो करीब आई और बोली बेटा अभी कपड़े पूरी तराह से सूखे नही है तुम ऐसा करो की आज यहीं रुक जाओ घर पर कॉल कर दो मम्मी को तब मैने नाटक करते हुए कहा नही आंटी जाना है मुझे तब वो मेरे हाथ से कपड़े छीन कर बोली बेटा मैं तेरी मा जैसी हूँ जैसा कह रही हूँ वैसा करो कहीं बीमार पड गये तो तुम्हारी मम्मी को कौन जवाब देगा. फिर मैने घर पर कॉल कर दी की आज पानी बहुत बरस रहा है मैं आज यहीं दोस्त के घर रुक जवँगा और फिर तोड़ा बहुत खाना खाने के बाद आंटी ने मुझसे कहा बेटा तुम यहाँ बेड पर सो जाना.

मैं सोफे पर लेट जवँगी वरना अगर चाहो तो गेस्ट रूम मे भी सो सकते हो तब मैने कहा आंटी मैं वहाँ अकेला बोर हो जवँगा आप ऐसा कीजिए आप बेड पर सो जाइएगा मैं सोफे पर सो जाता हूँ ये कह कर मैं वहीं सोफे पर लेट गया और आंटी बेड पर लेट गयी मेरे अरमान अब धीरे धीरे ठंडे हो रहे थे और मैं आंटी की उभरी हुई चूची और फूले हुए चूतड़ आखों मे बसाय कब नींद की गोद मे गया मुझे पता नही चला रात को अचानक मुझे अपनी जाँघ पर कुछ सरकता हुआ महसूस हुआ तो

मेरी नींद खुल गयी फिर मुझे फील हुआ की ये किसी का हाथ है और घर मे 2 ही जान थे आंटी या फिर उसकी नाबालिग लड़की थोड़ी देर मैं उसी पोज़ मे लेता रहा तब तक हाथ सरसराता हुआ मेरी हाफ पंत को सरकाता हुआ उपर मेरी जांघों की जड़ तक पहुच चुका था मैं भी अब उस हाट का आनंद लेना चाहता था, चाहे कोई हो भले ही उस वक़्त उसकी नाबालिग लड़की भी होती तब भी मैने तय कर लिया था की उसकी कुँवारी छूट छोड़ ही डालूँगा मगर अब तक मैं जान गया था की ये हाथ आंटी का है और अब मैं पूरी तराह से

उसका मज़ा लेना चाहता था और मैं सोफे पर सीधा होकर लेट गया और वो मुझे करवट लेते हुए देख कर कुछ हड़बड़ा गयी मगर फिर नॉर्मल हो गयी और मुझे नींद मे देख कर उसने मेरी हाफ पंत क अंदर हाथ डाल कर मेरा लॅंड पकड़ लिया जो अभी तक सांत अवस्था मे था उसे प्यार से श्लाने लगी अब मेरे लॅंड मे धीरे धीरे तनाव आने लगा और मैं भी उततेज़ीत होने लगा था मेरा मान कर रहा था की अभी साली को बाहों मे भर कर इतनी ज़ोर से छापू की इसकी हड्डी तक पिस जे. पर मैं ऐसा कर नही सकता था मैं बस चुपचाप पड़ा रहा और आंटी की इनस्पेक्षन फील करता रहा और फिर आंटी का हाथ थोड़ा खड़ा हो गया था वो मुझे सोया जान कर पूरी तरह निसचिंत हो गयी थी मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से श्लाने के बाद जब वो पूरी तराह से खड़ा हो गया तब अपने होत से मेरी जांघों को चूमने लगी मेरे मूह से सिसकी निकालने वाली थी मगर मैने डाट भीच कर सिसकी नही निकालने दी मगर अब बर्दास्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था तभी मैने अपने लंड पर कुछ लिबलिबा सा महसूस किया क्यूंकी रूम मे नाइट लॅंप जल रहा था तो कुछ सॉफ नज़र नही आ रहा था और मैं अपनी आँख भी बंद किए था पर इतना तो अंदाज़ा हो ही गया था की ये साली इसकी ज़बान होगी जो मेरे लॅंड पर फिरा रही है और ज़बान फिराते फिराते उसने गप्प से मेरा लंड मूह मे ले लिया अब तो मैं बर्दास्त नही कर पाया और झटके के साथ उठ कर बैठ गया और बोला कौन है पर तभी आंटी ने मेरे मूह पर हाथ रखा और धीरे से बोली बेटा मैं हूँ उन्होने फट से लाइट जला दी मैं देख कर हैरान रह गया वो पूरी तराह से नंगी थी मैने उनको नंगा देख कर चौकने का ड्रामा करते हुए कहा आंटी आप तो नंगी है तब उन्होने मेरा लौंद पकड़ते हुए कहा बेटा तुम भी तो आध नंगे हो.

मैने अपने 2नो हाथ झट से लॅंड पर रख लिए और छुपाने का नाटक करने लगा मगर जानता था की अब ये साली चुड़वाएगी तो ज़रूर मगर फिर भी मैने अपना नाटक चालो रखा ओर बोला आंटी आपको ऐसा नही करना काहिए था ये गंदी बात है तभी आंटी मेरे लॉड को मसालते हुए बोली और तुम जो साम से मेरी चूचियाँ निहार रहे थे मेरे ब्लाउस के उपर से. इस तराह देख रहे थे की बस खा ही जाओगे वो अच्छी बात थी और जब मैं कॉफी बना रही थी तब तुम्हारी नज़रे कहाँ थी मुझे पता है मुझे छोड़ना

सीखा रहे हो अभी कल के बच्चे हो तुम बेटा मैं तुम्हारे जैसे ना जाने कितनो को अपनी छूट मे समा कर बाहर कर चुकी हूँ उसकी ये सब बात सुन कर तो मुझे बहुत ही जोश चाड गया उसने यक़ीनन मुझे भड़काने के लिए ही ऐसे भासा प्रयोग किया था मगर मुझे तो सुरू से ही छोड़ने मे गाली देना पसंद था और आंटी इतनी सभ्या नज़र आ रही थी की उनके मूह से इस तराह की बात सुनना मेरे लिए एक नया अनुभव था और उसके बाद मैने आंटी को झट से पकरा वो छूट मे जहत से उंगली डाल दी ओर फिर उन्हे बेड

पे धकेल दिया फिर मैने अपनी हाफ पंत उतार कर पेचए कहा फेंकी मालूम नही… फिर मैं उनके उपर लपक ओर फिर उनके होतो को चूमने लगा ओर फिर से उनकी छूट मे उंगली करने लगा.. ऐसे करते करते आंटी को मस्ती चाड़ने लगी ओर वो ज़ोर ज़ोर सो सिसकिया मारने लगी फॉर मैं उनकी दूधु को चूसने लगा ….वाह यार ऐसे लग रहा था क पता नही कितने दीने क बाद कुछ फॉल फुल खाया हो….आंटी को ओर मज़ा आने लगा फिर आंटी को मैने आंटी को अपनी टाँग फैलाने को कहा ओर फिर आंटी दोनो तंग हवा मे उठे देख कर ओर खुली हुई छूट देख कर मेरा तो मॅन ओर छोड़ू सा हो गया.

फिर मुझसे रहा नही गया ओर मैं पागलो क तरह उसकी छूट चाटने लगा ओर छत ते छत ते बार बार मैं उनकी छूट क क्लाइटॉरिस को डेटेसेट तां देता तो वो और मस्ती मे आजतीी थी फिर उन्हो ने कहा क बरी सनकी अंदाज़ मैं बॅस करो कहा ओर फिर उन्होने एकदुम्से फ़ौवारे क तरह मेरे मूह पे अपना सारा पानी छोड़ दिया ओर फिर थोरी देर बाद वो उठी ओर फिर उन्होने मुझे छाती पे लात मारा ओर मुझे नीचे कार्पेट पे लिटा दिया ओर फिर डोर्र के मेरे उपर लपक गयी… उस वक़्त उनकी हिलती हुई दूधु को देख कर मैं तो फिर से उत्तेजित हो गया ओर फिर बस इतने ही देर मैं वो मेरे लंड को लॅप से आपमे

मूह मे लेकर चूस ने लगी याअर ऐसा लग रहा था क मैं तो बस इसी तरह राहु ओर उसे हतने ना डून… लेकिन मैं बॅस अब झरने वाला था ओर फिर बॅस थोरी देर मे मैं उसस्के मूह मे ही झड़ गया…… फिर उसने कहा क सेयेल तूने व बदला लिया… पहले मैने तेरी मूह पे छोरा अब तूने मेरी मूह क अंदर चोर्दिया ओर बॅस मुझे टप्पर मार क बोली क पाकर लो अगर बदला लेना चाहो तो…फिर्र मई व उठा ओर उसे डोर्र क पाकरने की कोसिस करने लगा ओर बॅस मैं जान बुझ कर उसे नही पाकर राहा था क्यूँ क मैं बॅस उसकी

हिलती हुई गांड ओर उसकी हिलती हुई दूध को देखना चाहता था…. यार बॅस इतने मई मैने कहा क रूको यार ओर वो बोली क्यूँ ओर बस इतने में मैं उसको पाकर क चूमने लगा ओर उसके गांद मे उंगली डाल दिया ओर बॅस इतने मे वो मुझे ओर ज़ोर से चूमने लगी ओर फिर मैं उसे पाकर कर बेड पे लिटा या ओर फिर उसको लंड पेलने की आक्टिंग कर रहा था फिर उसने कहा क अब तो पेल दो कब से बेताब हू…अब तो एक दम से खुजलाहट सी होरही है छूट मे…बस क्या…अब सुनना था ओर फिर मैने बारे ज़ोर से उनकी भीगी छूट पे अपना लंबा सा लंड पेल दिया ओर फिर बॅस उसने बरी लंबी सी सिसस्किय्ाआ मारी..

फिर बस मैं तो पेलना सुरू करने क बाद बस सारे रू मे फॅक फॅक की आवाज़ क एलवा मुझे कुछ सुनाए नही दे रहा था…फिर थोरी देर मे मैने उनको घोरी बनने को कहा ओर वो बोली आज क रात तो बॅस मई तेरी ही हूँ चाहे जो बनले…बस वो घोरी बनते ही जब मैने उसका मोटा सा गंद देख तो यार बस ओर जॉस्स आगेया ओर फिर से मैने अपना लंड का टोपा उसके छूट मे घुसेड दिया ओर बस फिर से पेलने लगा ओर फिर मैने उसकी दोनो दूधु हाट से पाकर लिया ओर फिर ओर ज़ोर का झटका मारने लगा ओर वो ओर ज़ोर से आहं आह कर ने लगी फिर

बस वो दूसरी बार झड़ी ओर बोली आज तो मुझे पूरे अगले जिंदगी का मज़ा आगेया. फिर मैने कहा क आब कहा फिर मैने अपना लंड उसके छूट से निकाला ओर उसके छूट क क्लाइटॉरिस को बारे ज़ोर ज़ोर से हिला हिला क मसालने लगा फिर में पोज़िशन मे आके अपने लंड को उसके छूट मे निशाना लगया ओर फिर से अपना क्लास सुरू किया ओर बॅस करीब 3-4 मिंट क बाद वो ओर मैं एक साथ ही झाड़ गये ओर फिर वो वैसे ही लेट गयी ओर मैं व अपना लंड उसकी छूट मे डाले ही वैसे ही उसके गांडे लेट गया,

बस थोरी देर बाद वो ओर मैं बातरूम मई गये ओर फिर मैने उसकी बदन पे मूत दिया ओर ओर फिर वो मेरी जांग तां क मेर जंग के बीच मे अपना छूट अड्जस्ट किया ओर फिर उसने मेरी जाँघ पे मुउट दिया फिर हम दोनो ने अपने आप को साफ किया ओर फिर सोने चले गये, ओर फिर सुबा फिर से वही छोड़ा सेशन सुरू हुवा फिर मैं नसाता कर के चला गया

 

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