एक रात दीदी के साथ

हेलो दोस्तो मेरा नाम चंदन है. उमर 21 है. यह मेरी साथ घटी सच्ची घटना है. मै तमिलनाडु के एक गाव का रहने वाला हूँ. चेन्नई से 100 किलोमीटर के दूरी पे मेरा गाव है. मेरी दीदी की अगले महीने शादी थी. इस वजा से दीदी को खरीदडारी करना जर्रूरी था. तो मा पापा अपने काम मे व्यस्त थे. तो उन्होने मुझसे कहा तुम दीदी को चेन्नई ले जाके खरीदडारी करके ले आओ. तो मै और मेरी दीदी दर्शिनी जिसका उमर 26 थी, हम दोनो चेन्नई के लिए निकल पड़े. शॉपिंग का काम सिर्फ़ 1 दिन का था इसलिए हम साथ मे अपने कपड़े तक लेके नही गये थे. लेकिन मै हमेशा सफ़र मे चेंज करने के लिए अपने साथ चड्डी और बनियान लेके जाता हू. ताकि कंफर्टबल राहु.

दीदी ने स्लिवलेस लो नेक वाला स्काइ ब्लू कलर का सलवार कामिज़ पहन रखा था जिसमे से उनका गोरा बदन और क्लीवेज सॉफ सॉफ दिख रहा था. हम लोग 3 घंटों के सफ़र बाद चेन्नई पहुँच गये. और चेन्नई के फेमस शॉपिंग माल मे शॉपिंग करने लगे. शॉपिंग माल मे बहुत सारे लड़के मेरी दीदी दर्शिनी को घूर ने लगे. यहाँ तह की सेल्स बाय्स भी. शॉपिंग मे लघ्हभाग पूरी समान खरिद ली थी लेकिन दीदी के कुछ ज़ेवर अभी तैयार नही हुवे थे. तो दुकान वालने कहा “मेडम आप कल अजाएगा. मै उन्हे कल आपको दे दूँगा.” तो मै और दीदी ने सोचा के सिर्फ़ एक रात की तो बात है. वैसे भी शॉपिंग करते करते बहुत देर भी हो गई है. रात को किसी होटेल मे रहेंगे और सुबा जेवर लेके वापस चले जाएँगे. पास के होटेल मे जा के हम लोगो ने जब कमरे के लिए पूछा तो रिसेप्षन वालोने बोला के सारे डोबेल बेड रूमे बुक्ड है. आप लोगो को चाहिए तो सिर्फ़ 1 सिंगेल बेड रूम दे सकता हू. डीडिने कहा चलो ले लेंगे नही तो ये भी नही मिलेगा वैसे भी काफ़ी रात हो चुकी है. इश्स टाइम मे कही जेया भी तो नही सकते है. हम लोगोने हू सिंगल बेड रूम ले लिए.

और रूम मे जाने के बाद दीदी कहने लगी “अरे चंदन, हम लोग पहनने कपड़े भी नही लाए है. फ्रेश हो के क्या पहनेंगे. मैने कहा दीदी मै तो सफ़र मे चड्डी और बनियान रखता हूँ अपने साथ. आप चाहिए तो पहें लेना. दीदी ने बोला “तुम नहाने के बाद क्या पहनोगे.” मैने कहा “सिर्फ़ 1 रात की तो बात है मै, मेरे अंडरवेर पे ही सौंगा.” दीदी ने कहा चलो अब हम लोग कर भी क्या साकते है. दीदी ने मेरी चड्डी और बनियान ले के नहाने को चली गयी. मैने फोन निकल के रूम सर्विस को कॉल करके खाना बोल दिया और साथ मे आइस क्रीम. दीदी नहाने के बाद मै भी नहा के आगेया.

मै नहा के आने के बाद बेड पे लेट के त.व. देखने लगा. दीदी खिड़की के पास अपने बाल सूखा रही थी. मै बालकोनी की और देखते देखते मेरी नज़र दीदी के बदन पर पड़ी. जो दीदी ने मेरे दिए हुवे चड्डी और बनियान मे खड़ी थी. तो मै एकदम डांग रह गया. आज तक मैने दीदी को इतने काम कपड़ो मे नही देखा था. इन कपड़ो मे बहुत सेक्सी लग रही थी. एकद्ूम हेरोयिन की तरह. मै गौर से उन्हे उपारसे नीचे तक देखने लगा. उनका फिगेर मैने पहिली बार नापा मेरी आँखो से. उनका फिगर था चूची एकदम भरे भरे 36 साइज़ के, कमर 27, और गांद एकदम मोटी 38, राँग एक दम गूरा, और हिगत 5.6 फीट. तब जेया के मुझे समझ मे आया के सुबा शॉपिंग माल मे सेयेल सारे लड़के मेरी दीदी को क्यू ऐसे घूर रहे थे .पहेली बार मैं मेरी दीदी को इस तरहा से देख रहा था. बनियान एक दम छोटी थी, स्लीव लेस भी थी. उसमे से मेरी दीदी दर्शिनी का क्लीवेज दिख रहा था. और अंडरवेर मे से मेरी दीदी के गोरे और मोटे न्यूड जंगे दिखाई दे रहे थे. मै इतना भी भूल गया के मै जिसे इश्स नज़र से देख रहा हूँ वो मेरी सग़ी बड़ी बेहन थी. मेरा लंबा और मोटा लन्ड़ मेरे अंडरवेर मे अब अपने पुर साइज़ मे आ चुका था. नाःने की वजा से मै सिर्फ़ अं

दीदी चलती तो उनके मोटे मोटे चूतड़ उपर नीचे हिल रहे थे. दीदी अपना काम होने के बाद मेरे पास आके लेट गयी. सिंगल बेड होने की वजह से दोनो के लिए बहुत छोटा था. उनका गरम बदन मेरे बदन को लग गया. कमरे मे आ/सी चल रहा था फिर भी उनका बदन गरम था. दीदी की बॉडी मेरे बॉडी से लग रही थी तो मेरा तो बुरा हाल हो रहा था. मेरा लन्ड़ और भी सकत होने लगा. दीदी भी मेरे बगल मे लाते हुए त.व देखने लगी. जगह कम होने की वजह से थोड़ी करवट बदलते वक़्त अचानक दीदी का हाथ मेरी अंडरवेर पे पद गया. उनके हाथ को मेरा ताना हुवा गरम लन्ड़ लग गया. दीदी चौंक गई और मेरे अंडरवेर की तरफ देखने लगी और कहने लगी “अरे चंदन ये क्या है इतना क्यूँ टन गया.” बोलके लन्ड़ पे से हाथ निकालते हुए बोली. मैने कहा “दीदी कुछ नही.ये तो यू ही ऐसा हो गया.” दीदी ने शक की नज़र से मुझे देखते हुए पुंचा “सच बताओ.” तो मैने कहा “दीदी मै कभी किसी लड़की की बॉडी को ऐसे हाफ न्यूड से नही देखा और ना तो महसूस की या है. इससलिए…” “इसलिए क्या?” मेरा मलब इसलिए मेरा वो खड़ा हो गया.” दीदी बोली “अरे शैतान मै तो तेरी दीदी हू. मुझे तू इश्स नज़र से देख रहा है क्या.” “दीदी आप तो आख़िर लड़की ही तो हो ना?

मेरी इस बात को सुन के दीदी मुझे गौर से देखने लगी उपर से नीचे तक. मै सिर्फ़ अंडरवेर मे था. मेरी छाती पे बाल है. और मै 5.10 फीट का जिम जाने वाला बंदा हू. नाज़ाने वो क्या सोचने लगी. मुझे 5 मिनट तक देखती रही. मैने कहा “आपको अगर बुद्धा भी देख ले तो उसका भी खड़ा हो जाएगा. मै तो जवान. हूँ मेरा क्या हाल होगा.” दीदी मेरे छाती पर हाथ रख के मेरी छाती के बाल सालते हुए बोली. “क्या मै तुम्हे इतनी अची लगती हूँ? मुझमे ऐसा क्या ही जो तुझे इतना पसंद आया?” तो मैने कहा “दीदी आप के भरे भरे चूची और आपके मोटे मोटे चूतड़ तो कयामत है. क्या सेक्सी फिगर है आपका. रोज आप दूध से नहाते हो क्या जो आपका बदन इतना गोरा और मुलायम है?” तो दीदी मुस्कुराते हुए बोली “चल शैतान.” मैने कहा “नही, सॅकी दीदी.. तुम तो बहुत खुभसूरत और सेक्सी हो. अगर कोई भी लड़के को अगर एक मौका भी मिला तो वो तुम्हे करे बिना नही छोड़गा.” दीदी बोली “करे बिना … क्या करे बिना?” मैने हिचखते हुए कहा “फक.. करे बिना नही छोड़ेगा.” दीदी की साँसे तेज़ हो गई उनका दिल ज़ोर्से धाड़खने की आवाज़ मुझे सॉफ सुनाई देने लगी. दीदी के बर्ताव मे अब कुछ फ़र्क आने लगा. दीदी शरमाते हुए बोली “क्या तु

दीदी बोली “मैने अपनी फ्रेंड के घर मे एक ब्लू फिल्म देखी थी उसके कंप्यूटर पे.” मै चौुक्ते हुए उन्हे देख के बोला क्या “दीदी, आप भी ब्लू फिल्म देखती हो…?” दीदी ने कहा “क्या मै लड़की नही हूँ. मुझे भी कुछ फीलिंग्स नही होते है क्या?” “लेकिन मै तो आप को बहुत शरीफ समझता था. आप तो छुपी रुस्तम निकली.” दीदी कहने लगी “मुझे बहुत दीनो से दिल मे एक इक्चा थी. जो मै किसी से भी शेर नही कर सकती हूँ.” “क्या दीदी मुझे बोलो मै आपकी ख्वाइश पूरी करूँगा.” दीदी बोली “मैने ब्लू फिल्म मे देखा की एक औरत एक मर्द से अपनी पेशाब की जगह चटवा रही थी. वैसे ही मुझे भी किसी मर्द से चटवाना है. लेकिन करवाती भी तो किससे. अगर शादी के बाद मेरे हज़्बेंड से बोलती तो शायद वो मेरी कॅरक्टर के बारे मे कही बयरना समझ बायटे. इश्स दर से मै तुझे बोल रही हूँ. मेरी ख्वाइश पूरी करोगे ना चंदन?” मै बोला “हन दीदी, मै पूरी करूँगा.” ये कहते हुए मैने मेरा हाथ दीदी के जंगों के बीच उनकी छूट पे दल्दिया. वो एकदम काँप गयी. मैने उनका अंडरवेर खींच के उतार दिया. उनकी छूट एकदम उभरी हुई दिख रही थी और गीली हो चुकी थी. मैने उनकी छूत को सालने लगा तो दीदी कसमसाने लगी और मेरे अंदर भी

मुझे अभी यकीन नही हो रहा था के मेरी सग़ी बड़ी बेहन मेरे सामने नगी अपने पाव फैला के लेती है और मै उनकी छूट को देख रहा हूँ. उनकी छूट एकदम मुलायम और गुलाबी रंग की है. उनकी छूट गीली होने की वजा से चमकते हुए दिख रही थी. उनका क्लाइटॉरिस खजूर के दाने बराबर का था. मेरे मूह मे पानी आने लगा था उनकी रसीली छूत को देख के. मै अपनी जीभ को उनके छूत पे लगते ही दीदी तोड़ा उपर हट ते हुए आहह की आवाज़ निकली. मै उनके छूट को 10 मिनट चाटने के बाद उठ के, आइस क्रीम लाया और उसे दीदी के छूट पे दल दी और छूट पे लगे आइस क्रीम को गॅली के कुत्ते की तरहा चाटने लगा. दीदी बड़बड़ा रही थी “मेरे राजा…. चाट मेरे छूट को.. हााआआ राजा चाट. मेरी बरसूं की ख्वाइश को पूरी करदो. मेरी जान… अहह…… अपनी दीदी की छूट को किसी गॅली की रंडी समझ के चाट.. अहह. मै और भी तेज़ी से चाटने लगा. हू मेरे सर के बाल पकड़ के एकदम से मेरे सर को उनके छूत पे और दबाने लगी, जिससे मेरा साँस लेना भी मुश्किल हो रहा था. और वो अपनी छूट मे से एक सफेद खीर छोड़ दी जिसकी एक बूँद भी मैने जया नही किया और सब पी लिया.

दीदी ने अपने हाथ को बड़ा के मेरे लन्ड़ को पकड़ लिया और बोला “अरे चंदन, ये तो फौलादी लोहे की तरहा इतना बड़ा है. इससे मेरी नन्ही छूट का क्या होगा?” बोलते हुए मेरी चड्डी उतार दी. मेरा लन्ड़ आज़ाद हो के हिचकोले मरता हुवा मेरी दीदी की छूट को सलाम करने लगा. दीदी हिरण हो के अपना मूह खोलते हुवे बोली “वाह………… क्या लन्ड़ है तेरा. मेरी प्यारी दीदी के मूह से लंड जैसी गंदी बाते सुनके मुझे ताज्जुब लगने लगा. तब मुझे एहसास हुवा की एक सीधी साधी लड़की .सिर्फ़ अपने घर्मे ही सीधी सदी लगती है. लेकिन बिस्तर पर तो हर किसी की मा या बहाँ सिर्फ़ चुड़क्कड़ रंडी ही होती है. दीदी ने मेरा काला और लूंबा लन्ड़ अपने हाथ से पकड़ते हुवे बोली “चंदन तुम्हारा लन्ड़ तो घोड़े के लन्ड़ जितना मोटा और लूंबा है. अगर कोई भी औरत तेरे लन्ड़ को देख ले तो इससे चूसे बिना टुजे नही छोड़ेगी. चाहे वो मम्मी ही क्यू ना हो!” बोलके मेरे लन्ड़ को वो अपने निपल्स के उपर रगड़ने लगी. थोड़ी देर बाद दीदी ने मेरे मुस्सल जैसे लन्ड़ का टोपा पेचए की ओर हटके मेरे लाल लन्ड़ को अपने सेक्सी होतों मे समा दिया और ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी. 15 मिनट चूसने के बाद मेरा वीर्या लावा की तरह

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