पद्मावती का जीवन एक अजीब खालीपन से भरा हुआ था। उसका पति हर शाम शराब में डूब जाता और रात… Read More
रात के दो बजे थे। राजत दरवाज़ा पीट रहा था। शराब की गंध इतनी तीव्र थी कि दरवाज़ा खोलने से… Read More
विद्या खाट के किनारे बैठी थी, पीठ खिड़की की ओर। सुबह की हल्की धूप फटी हुई परदे से छनकर ज़मीन… Read More
रात के साढ़े नौ बजे थे। रसोई में दाल की महक थी, लेकिन उस महक में घुली थी एक… Read More
राजा मेरा बेहद करीबी दोस्त था। हम अक्सर निजी बातें साझा करते थे—खासकर उन महिलाओं के बारे में जिनसे उसका… Read More
दोस्तों मेरा नाम पद्मनाभम है. मेरी उम्र १८ साल है. मै तमिलनाडु के छोटे गांव, हुस्सलामपट्टी का रहने वाला हु.… Read More